देशभर में आज 14.2 किलो घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर के नए रेट लागू कर दिए गए हैं, जिससे आम लोगों की नजरें एक बार फिर रसोई गैस की कीमतों पर टिक गई हैं। हर महीने होने वाले इस बदलाव का सीधा असर घरेलू बजट पर पड़ता है, खासकर उन परिवारों पर जिनके लिए एलपीजी एक जरूरी खर्च है। नए रेट जारी होने के बाद कई राज्यों में कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जबकि कुछ जगहों पर दरें पहले जैसी ही बनी हुई हैं।
आज जारी हुए एलपीजी सिलेंडर के नए रेट
तेल विपणन कंपनियां हर महीने अंतरराष्ट्रीय बाजार, कच्चे तेल की कीमतों और घरेलू आर्थिक हालात को ध्यान में रखते हुए गैस सिलेंडर की दरों में संशोधन करती हैं। इस बार भी यही प्रक्रिया अपनाई गई है। नए रेट लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को अपने शहर के हिसाब से अलग-अलग कीमत चुकानी पड़ सकती है। इसका कारण परिवहन लागत, स्थानीय टैक्स और राज्य सरकारों की नीतियां होती हैं।
शहरों के हिसाब से क्यों अलग होते हैं दाम
कई उपभोक्ताओं को यह लगता है कि पूरे देश में एलपीजी सिलेंडर का एक ही रेट होना चाहिए, लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं होता। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में कीमतें अक्सर एक-दूसरे से अलग होती हैं। छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में भी राज्य के टैक्स ढांचे के कारण दाम बदल जाते हैं। इसलिए सही जानकारी के लिए अपने नजदीकी गैस एजेंसी से ताजा रेट जानना जरूरी हो जाता है।
घरेलू बजट पर पड़ने वाला असर
14.2 किलो गैस सिलेंडर के दामों में मामूली बढ़ोतरी भी मासिक खर्च को प्रभावित कर सकती है। मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए यह खर्च काफी अहम होता है। पहले से बढ़ती महंगाई के बीच गैस के दाम बढ़ने पर चिंता बढ़ जाती है। हालांकि जब कीमतें स्थिर रहती हैं या थोड़ी कम होती हैं, तो परिवारों को कुछ राहत महसूस होती है। अब कई लोग गैस की खपत को लेकर ज्यादा सतर्क हो गए हैं।
सब्सिडी और सरकारी योजनाओं की भूमिका
एलपीजी की कीमतों में सब्सिडी का भी अहम योगदान होता है। उज्ज्वला योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को गैस सिलेंडर पर आर्थिक सहायता दी जाती है। नए रेट लागू होने के बाद भी कई उपभोक्ताओं के बैंक खाते में सब्सिडी की राशि ट्रांसफर की जाती है। हालांकि यह सब्सिडी सभी को समान रूप से नहीं मिलती और सरकार की नीतियों पर निर्भर करती है। ऐसे में किसी भी भ्रम की स्थिति में गैस एजेंसी या बैंक से जानकारी लेना जरूरी होता है।
आगे कीमतों को लेकर क्या उम्मीद करें
भविष्य में एलपीजी सिलेंडर के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति पर निर्भर करेंगे। अगर कच्चे तेल की कीमतें कम होती हैं तो घरेलू गैस सस्ती होने की संभावना रहती है। वहीं वैश्विक तनाव या आपूर्ति में कमी आने पर कीमतें बढ़ भी सकती हैं। इसलिए उपभोक्ताओं को समय-समय पर रेट की जानकारी लेते रहना चाहिए और अपने खर्च की योजना उसी अनुसार बनानी चाहिए।
Disclaimer:
This article is for informational purposes only. LPG cylinder prices, subsidies, and government policies may change from time to time. Consumers are advised to check the latest rates from their local gas agency or official oil company notifications before making any financial planning or assumptions.









